अगर आप भी हैं चाय के शोकिन तो एक बार जरूर पढ़े.

अगर आप भी हैं चाय के शोकिन तो एक बार जरूर पढ़े.

हिंदुस्तान में ऐसा कोई घर नहीं है जहां आपको चाय न मिलेगी. यह सच है कि चाय चाहे काली हो या ग्रीन चाय या किसी और फ्लेवर की, सभी चाय में एंटीऑक्सीोडेंट्स, एंटी कैटेचिन्स और पोलीफेनॉल्स होते है जो हमारे शरीर को सकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं.

चाय से होने वाले फायदे:

ग्रीन चाय "हरी चाय" मूत्राशय, स्तन, फेफड़े, पेट, अग्नाशय के लिए एंटीऑक्सीडेंट का काम करती है और कोलोरेक्टल कैंसर के विकास की रोकथाम में फायदा करती है. धमनियों के क्लोग्गिंग रोकने, वसा कम करने में, मस्तिष्क परऑक्सीडेटिव तनाव प्रतिक्रिया को कम करने, अल्जाइमर और पार्किंसंस रोग जैसी मस्तिष्क संबंधी बीमारियों के खतरे को कम करने, स्ट्रोक का खतरा कम करने और कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार में मदद करती है.

काली चाय में सबसे ज्यादा कैफीन सामग्री होती है. अध्ययनों से पता चला है काली चाय सिगरेट के धुएं के संपर्क की वजह से फेफड़ों को नुकसान से रक्षा करती है. यह स्ट्रोक का खतरा भी कम करती है. जिससे आप अपने शारीर को ज्यादा थकान लगने से बचा सकते हैं. चाय में एंटीऑक्सीडेंट शामिल होता है. चाय उम्र बढ़ने और प्रदूषण के प्रभाव के प्रकोपों से आपके शरीर की रक्षा करती है.चाय में कॉफी के मुकाबले कम कैफीन होती है.

चाय दिल का दौरा और स्ट्रोक के जोखिम को कम कर सकती है. चाय पीने की वजह से धमनियां चिकनी और कोलेस्ट्रॉल से मुक्त हो जाती हैं. अध्ययन में पाया गया कि चाय पीने वालों की हड्डियां,अधिक उम्र, अधिक वजन, व्यायाम, धूम्रपान और अन्य रिस्क फैक्टरों के बावजूद भी मजबूत होती है. चाय पीने से आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को संक्रमण से लड़ने में बहुत मदद मिलती है. सर्दी-जुखाम जैसी आम बीमारियां चाय पीने से एक दम गायब हो जाती हैं. यह बात सच है कि चाय कैंसर के विरुद्ध सुरक्षा करती है क्योंकि इसमें पॉलीफिनॉल और एंटीऑक्सीडेंट मिला होता है. इन दोनों के प्रभाव कैंसर से लड़ने के लिए बहुत मदद करते हैं.

चाय के नुकसान:

चाय जो यूरोप और अमेरिका जैसे देशों में रहने वाले लोगों के लिए सही है किन्तु गर्म देशों में रहने वाले व्यक्तियों के लिए चाय जहर के समान होती है. गर्म देशों में रहने वाले लोगों के पेट में अम्लीय (एसिडिक) की मात्रा पहले ही अधिक होती है. अब चाय के पीते ही यह और अधिक हो जाती है. ज्यादा चाय पिने से आपको अपित से सम्बन्धित बीमारियाँ होती हैं. 

चाय पीने से बाइल जूस की प्रक्रिया अनियमित हो जाती है. जिसके चलते आपको मितली आ सकती है और घबराहट महसूस हो सकती है. ब्लैक टी पीना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है. सामान्य तौर पर माना जाता है कि ब्लैक टी पीने से वजन कम होता है लेकिन ब्लैक टी पीने से पेट फूल जाता है और भूख नहीं लगती है. खाली पेट दूध वाली चाय पीने से जल्दी थकान महसूस होती है. साथ ही व्यवहार में भी चिड़चिड़ापन आ जाता है. ज्यादा स्ट्रांग चाय पीने वालों को अल्सर होने का खतरा रहता है. इससे पेट की अंदरुनी सतह में जख्म हो जाने की आशंका बढ़ जाती है. बार-बार गर्म करके चाय पीना खतरनाक हो सकता है.