सेहत के लिए लाभकारी भट्ट की चुटकाड़ी जाने क्या है इसका सेहतमंद राज़. Uttarakhand

सेहत के लिए लाभकारी भट्ट की चुटकाड़ी जाने क्या है इसका सेहतमंद राज़. Uttarakhand

आखिर क्यों है सेहत के लिए लाभकारी भट्ट की चुटकाड़ी जाने पूरी बात अघोरी के खान-पान के साथ.

पहाड़ी खाना और पहाड़ों में रहन-सहन हमेशा से ही सेहतमंद और दुरुस्त बनता है. वो इसलिए क्योकि पहाड़ों में आज भी स्वच्छ वातावरण होने के साथ साथ प्रदुषण मुक्त हवा, पानी किसी भी व्यक्ति को स्वस्थ जीवन और स्वस्थ शरीर देता है. और पहाड़ी कहना जो लोगों को स्वस्त्य्वार्धक शक्ति प्रदान करता है. जिसको बनाना बेहद आसान होता है और तरह तरह की बिमारियों से भी व्यक्ति को दूर करता है.

तो चलिए आज बताते हैं की पहाड़ों में आखिर किस प्रकार बनाई जाती है भट्ट की चुटकाड़ी. लेकिन उससे पहले आपको बताते हैं की आखिर ये भट्ट की चुटकाड़ी होती क्या है. भट्ट यानि सोयाबीन की दाल को कहते है पहाड़ों में, ये कली वाली सोयाबीन की दाल से बनाई जाती है. जिसको बनाना बहुत आसान होता है. इसको वो लोग भी बना सकते है जो लोग पहाड़ों में नहीं रहेते. और तो और इसको शुगर का मरीज़ भी आसानी से अपनी डाइट में ले सकता है.

तो आइये जानते हैं भट्ट की चुटकाड़ी को बनाने का तरीका.

इसको लोहे की कढाई में बनाया जाता है. सबसे पहले आप एक कटोरी में सोयाबीन की दाल को गर्म कढाई में हलकी आंच पर भून लेंगे और उसके बाद इसको मिक्सी या पत्थर के सिलबट्टे पर दरदरा पिस लेंगे. बिना पानी डाले. उसके बाद गर्म कढाई में थोडा सा गेहूं का आटा भुन लेंगे और इसको भूनने के बाद इसको दही या छाछ में मिला के गाढ़ा पेस्ट बना लेंगे. और इसमें नमक, मिर्च, हल्दी, गरम-मसाला, इत्यादि मिला कर रख ले जेसे आप आम तौर पर कढ़ी बनाने के लिए करते हैं. 

अब लोहे की गर्म कढाई में तड़का लगाने के लिए जीरा या राई या आपको जो पसंद हो उसको गरम तेल या घी में डालें और उसके बाद बारीक़ पीसी हुई काले भट्ट की दाल (सोयाबीन) को डालें. और तेल में भूनने दे. उसके बाद ऊपर से उस पेस्ट को डाले जिसको दही और भुने हुए आटे के साथ तैयार करा था. और पूरा पकने के बाद तक इंतजार करें. इसको धीमी आच पर पकाए और पकने के बाद रोटी या चावल के साथ खाए.

यह खाने में बेहद स्वादिस्ट होता है और पेट की समस्या से भी छुटकारा दिलाता है. साथ ही इसमें आयरन की मात्र अधिक होती है जिससे शरीर में आयरन की कमी भी दूर होती है. दिल की बिमारि और शुगर के मरीज़ इसको अपने खान पान में शुमार कर सकते हैं. साथ ही सर्दियों में इसका सेवन अच्छा होता है. क्योकि ये भट्ट की चुटकाड़ी शरीर को रखने में भी सहायक होती है. यही वजह भी है की पहाड़ों में यानि ठन्डे इलाके में इसको अधिक बनाया जाता है.