पहाड़ों में कल्यो बेटी के लिए मां बाप का आशीर्वाद होता है.

पहाड़ों में कल्यो बेटी के लिए मां बाप का आशीर्वाद होता है.

नानी जब घर आती थी तो ढेर सारा खाने का सामान लाया करती थी.

मुझको आज भी याद है जब मेरी नानी गर्मियों की छुट्टियों में हमसे मिलने आया करती थी तो उनके हाथ में हमेशा एक झोला यानि कपडे का थैला हुआ करता था. उसमे हमारे लिए कुछ कपडे, खिलौने, खाने-पिने की चीज़ें हुआ करती थी. जिसको अगर पहाड़ी भाषा में कहूं तो काल्यो भी कहा जाता है. काल्यो का मतलब होता है "बेटी के मायके से उसके ससुराल में भेजा जाने वाला सामान" काल्यो कहलाता है. ये एक तरह से पहाड़ों की बेटी के लिए उसके मायके से मिलने वाला आशीर्वाद होता है.
पहाड़ों की पगडंडियों पर घूमते-घूमते एक बुज़ुर्ग इंसान मुझको कही जाते हुए दिखे, और साथ में उनके पास एक प्लास्टिक बेग भी था जिसमे कुछ फल और बिस्कुट के पैकेट भी नज़र आ रहे थे. जिन्हो को देख कर मुझको मेरे बचपन की याद आ गई. ये लम्हा कुछ ही सेकेंड का था. लेकिन बच्चपन कि यादों में ले जाने के लिए काफी था. शायद वो किसी का काल्यो ले जा रहे थे.
पहाड़ी चेहरे पहाड़ जैसे ही होते हैं, लकीरों और झुर्रियों से भरे हुए, जहां से आशीर्वाद रीसता है अपनों की सलामती के लिए. इसलिए पहाड़ों का बुज़ुर्ग देव-आत्म जैसा होता है. क्योकि उसने पहाड़ को खोद के जीवन उगाया होता है और जीवन देने वाला तो स्वयं देवता होता है. इसलिए पहाड़ी बुज़ुर्ग देवात्म के समान होते हैं. मेरे नानी को कभी हिंदी नहीं आती थी. नौकरी की तलाश में जब शादी के बाद गांव छोड़ का नाना के साथ दिल्ली आना पड़ा तो बच्चों के साथ थोड़ी-थोड़ी हिंदी सिख ली थी.
और माँ कि शादी के बाद जब हम दो भाई हुए तो बाकि बची-कुची हिंदी हमने सीखा दी थी. जब नानी कुछ गढ़वाली में बोलती तो हम दोनों भाई उसको कॉपी कर घंटों उसको बोला करते और जैसे ही हमको हिंदी और इंग्लिश का कोई नया शब्द मिलता तो नानी को बोलने को कहते थे. जब नानी उसका उच्चारण गलत या सही तरह से नहीं कर पाती तो हम ज़ोर ज़ोर से ठहाके मार मार कर हँसा करते और नानी भी इसमें हमारा साथ देती, और मुझसे नहीं बोला जायेगा तुम हि रखो अपनी अंग्रेजी अपने पास. ऐसा कह कर हम दोनों भाइयों को भगा दिया करती थी.
कहते हैं ना यादें लोट कर आती हैं मगर कभी वक़्त लौट कर नहीं आता. इसलिए शायद ये वक़्त यादें छोड़ कर कहीं दूर चला जाता है. थोड़ा सा हंसाने के लिए तो थोड़ा सा रुला जाने के लिए.