मसूरी आयें तो इन जगहों पर ज़रूर घुमे. Dehradun Uttarakhand.

मसूरी आयें तो इन जगहों पर ज़रूर घुमे. Dehradun Uttarakhand.

अगर आप मंसूरी आने का प्लान बना रहे हैं तो आपके लिए है ये आर्टिकल ज़रूर पढ़े, और जाने की आखिर मंसूरी कैसे आए और कहाँ-कहाँ घुमे मसूरी में.

आइये सबसे पहले बात करते हैं कैसे पहुचे मंसूरी.

यदि आप देश के किसी भी कोने में रहेतें हों और अपनी छुटियाँ बिताने के लिए मंसूरी आना चाहते हो तो सबसे पहले आपको उत्तराखंड की राजधानी देहरादून आना पड़ेगा. जहां से आपको मंसूरी के लिए सीधा बस या टेक्सी सुविधा मिलेगी. देहरादून पहुचने के लिए आपको अपने शहर से दिल्ली या सीधा देहरादून की बस लेनी होगी. आपको रेल सुविधा भी मिल जएगी देहरादून तक के लिए.

देहरादून स्थित रेलवे स्टेशन से आपको सीधा मंसूरी जाने के लिए बस या टेक्सी सुविधा मिलेगी, बस का किराया लगभग 60 रूपए देहरादून से मंसूरी जाने का देना होगा. वही टेक्सी का किराया प्रति व्यक्ति 300 रूपए तक आपको देना पड़ेगा.

चलिए अब आपको बताते हैं की आखिर कहाँ-कहाँ घुमे मंसूरी में.

सबसे पहले अगर आप मंसूरी आये तो मंसूरी का माल रोड ज़रूर घुमे क्योकि यही मंसूरी का दिल कहलाता है. और सबसे पहले आप मंसूरी के माल रोड से ही होकर गुज़रते हैं. यहाँ आपको खान-पान से लेकर शोपिंग करने तक सब कुछ मिलेगा. जो की आपकी यात्रा को सुखद और खुबसूरत बना देगा.

दुसरे स्थान पर आता है कैमल-बेक रोड जो की मंसूरी के माल रोड वाली रोड के बेक साइड पर है और यहाँ पर के पहाड़ ऊंट के कूबड़ जेसा दिखाई देता है इसलिए इस जगह को केमल बेक रोड कहा जाता है. यहाँ से प्राकृति का सबसे खुबसूरत नज़ारा दिखाई देता है जो की बहुत शानदार होता है. जनवरी के माह में यहाँ की सारी पहाड़ियां बर्फ से ढकी रहती हैं. जिसकी वजह से हार साल काफी मात्र मैं सैलानी यहाँ आते हैं.

तीसरे स्थान पर है मंसूरी का लाल-टिब्बा मंसूरी से लगभग दो या तीन किलोमीटर की दूरी पर यह लाल-टिब्बा स्थित है. यहाँ से आपको हिमालय श्रृखला की बर्फ से ढकी हुई बर्फीली चोटियाँ दिखाई दे जाएगी. जिसको देखना आपको आँखों को सुखद बना देगा. यहाँ आप पैदल भी आ सकते हैं और या टेक्सी और स्कूटी किरय पर ले कर भी अ सकते हैं. लाल टिब्बा एक टूरिस्ट स्पॉट है. और यहाँ से गंगोत्री और यमनोत्री की पहाड़ी श्रखंला भी आसानी से दिखाई दे जाती हैं. सर्दियों के दिनों में लाल-टिब्बा शाम के समय सूरज की लाल किरणों से सारा आसमान लाल हो जाता है. इसलिए इसको लाल-टिब्बा कहा जाता है.

चोथे स्थान पर है जोर्ज एवेरेस्ट यह लगभग मसूरी मॉल रोड से लगभग दो से तीन किलोमीटर की दुरी कर स्थित है. यहाँ आपको सर जोर्जे का घर भी देखने को मिल जायेगा. सर जोर्जे एवेरेस्ट के नाम पर ही माउंट-एवेरेस्ट की चोटी का नाम भी रखा गया था. यही वो इंसान थे जिन्होंने एवेरेस्ट की खोज करी थी. इनका घर मंसूरी में स्थित जोर्जे एवेरस्ट के चोटी पर स्थित है. लगभग 188 वर्ष होने को हैं जिसको सन 1832 में बनाया गया था. फिलहाल यह घर खंडहर बना हुआ है. और इसको मयूसियम बनाने की तैयारी चल रही है. लेकिन आप मंसूरी आयें तो जोर्जे एवेरेस्ट ज़रूर आये. यह आपको इतिहास में पीछे ले जयेगा. और देखने में भी बहुत शानदार है.

पाचवे स्थान पर आता है केम्टी-फ़ौल मंसूरी माल रोड से लगभग 14 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है केम्टी-फ़ौल जो की एक नेचुरल झरना है. यह केम्टी गाँव में स्थित हैं. यहाँ प्रति वर्ष गर्मियों से मौसम मैं सेलानी आते हैं और आपनी छुट्टियों का अन्नंद उठाते हैं. 

छठे स्थान पर है मंसूरी-लेक यह स्थान मंसूरी आते समय ही थोडा एक किलोमीटर पहले ही पड़ता है. यह पर आप वोटिंग का अन्नंद उठा सकते हैं. 

तो अगर आप मंसूरी आयें तो इन सभी जगहों का अन्नंद ज़रूर उठायें. और सबसे मज़ेदार बात की आप लगभग दो दिनों में आप अपना यह ट्रिप पूरा कर सकते हैं जो की मंसूरी के आस-पास ही स्थित है और ज्यादा खर्चा भी आपका नहीं होगा. हमारा यह लेख आपको कैसा लगा हमको कमेंट बॉक्स में कमेंट कर के ज़रूर बताएं. और अपनी राय हमको ज़रूर दें. और की तरह से आर्टिकल आप पढना चाहेंगे वो भी आप हम तक ज़रूर साँझा करें. हम कोशिश करेंगे की आपके बताये हुए सुझाव पर काम करने की.