पूरी दुनिया में सिर्फ मंसूरी और स्विट्ज़रलैंड में ही दिखाई देती है विंटर-लाइन.

पूरी दुनिया में सिर्फ मंसूरी और स्विट्ज़रलैंड में ही दिखाई देती है विंटर-लाइन.

दुनिया भर में स्वित्ज़रलैंड के बाद दूसरी विंटर लाइने बनती है "मंसूरी" देहरादून में.

आपने विंटर लाइन के बारे में तो सुना ही होगा. जी हाँ ये वही विंटर लाइन है जिसको दिसम्बर के महीने से लेकर जनवरी के महीने तक देखा जाता है. और ये विंटर लाइन सुबह सूरज के निकलने के वक़्त और शाम को सूरज के डूबने के डूबने के साथ साथ बनती है. जिसको सन-सेट के वक़्त भी देखा जाता है. ये एक तरह की लाल रंग की लकीर होती है जो विशेषकर सर्दियों में ही दिखाई देती है. और हाँ पूरी दुनिया में ये विंटर लाइन सिर्फ दो ही जगह दिखाई देती है पहली स्विट्ज़रलैंड में और दूसरी मंसूरी में. वुडस्टॉक में आयोजित राइटर्स फेस्टिवल में विंटर लाइन फाउंडेशन का अहम योगदान रहता है.

प्रतेक साल दुनिया भर से यहाँ लोग इस विंटर लाइन का अन्नंद लेने विशेषकर दिसम्बर से जनवरी के महीने में आते है. और इसी दौरान यहाँ मंसूरी और स्विट्ज़रलैंड में विंटर लाइन कार्निवेल का आयोजन करा जाता है. जिसमे अलग अलग तरह के खान-पान के स्टाल्स लगते हैं. और स्थानीय परम्पराओं के साथ साथ लोक गायन और न्रत्य का आयोजन किया जाता है. इस दौरान इं दोनों जगहों में काफी ज्यादा रौनक रहती है. तो इस मामले में हमारा उत्तराखंड अपने आप को बेहद ही खुशनुमा समझता है.

सूर्यदेव के छिपने के बाद दून के आसमान में ऋषिकेश से लेकर पांवटा साहिब तक एक पीली और लाल लाइन बन जाती है. यही विंटर लाइन होती है कुछ मौसम विज्ञानियों का मानना है कि ठंड के मौसम में यानी विंटर सीजन में वायुमंडल में नमी आ जाती है और मैदानी क्षेत्रों की धूल एक सीमित ऊंचाई के बाद रुक जाती है. इससे एक समानांतर रेखा विंटर लाइन के तौर पर उभर जाती है. जिसकी वजह से प्राकृति अपने सुन्दर आवरण में नजार आती है.

ऐसा कहा जाता है की एक सदी से इस विंटर लाइन कार्निवेल को स्विट्ज़रलैंड और मंसूरी दोनों में मनाया जाता रहा है. लेकिन सबसे पहले इसको स्विट्ज़रलैंड में ही मनाया जाता था. उसके बाद मंसूरी में भी इसको पता चलने के बाद से मंसूरी में भी मनाया जाने लगा. ब्रिटिश काल के बाद से मंसूरी में प्रति वर्ष विंटर लाइन कार्निवेल का आयोजन किया जाने लगा और आज तक इसको काफी हर्ष और उल्लास के साथ यहाँ मनाया जाता है. यदि आप स्विट्ज़रलैंड नहीं जा सकते तो आप मंसूरी आ कर इस विंटर लाइन का आन्नद ले सकते हैं.