सेक्स से जुडी कुछ बातें जो हर युवा को ज़रूर मालूम होनी चाहिए.

सेक्स से जुडी कुछ बातें जो हर युवा को ज़रूर मालूम होनी चाहिए.

आज के युवा के लिए ज़रूरी है सेक्स के बारे में सही जानकारी का होना जिससे वह अपनी सेक्स सम्बन्धी भ्रांतियों को दूर कर सके.

हेल्लो दोस्तों कैसे हैं आप? आई होप आप हमारी तरह ही अच्छे होंगे। आज है यूथ डे 12-01-2020 यानी कि युवा दिवस तो हमने मतलब TAB ने सोचा कि आज हम अपने युवाओं को एक ऐसे विषय के बारे में बताएं जिसपर बात करने में पता नहीं क्यों ये दुनिया वाले कतराते हैं।

जी हां, हम बात कर रहे हैं सेक्स की जिसका नाम सुनते ही अधिकतर लोग बगलें झांकने लगते हैं लेकिन युवाओं को इस विषय से नहीं कतराना चाहिए क्योंकि आपकी गलतफहमियां या सोच आपके भविष्य के लिए घातक हो सकती हैं और आपका भविष्य ही देश का भविष्य हैं।

अक्सर देखा जाता है कि सेक्स के बारे में सही जानकारी ना मिल पाने के कारण युवा अपने दोस्तों से बात करते हैं, गॉसिप करते हैं और कई बार पॉर्न के चक्कर में भी फंस जाते हैं। इस विषय पर सही जानकारी ना मिलने की वजह से युवा कुंठित यानी कि फ्रस्ट्रेटेड रहने लगता है। तभी तो कई विशेषज्ञ भी इस बात पर ज़ोर देते हैं कि एक बेहतर और सुखद जीवन के लिए अच्छी सेक्स लाइफ का होना बेहद ज़रूरी है।

इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि वे कौनसे सेक्स मिथक हैं जिन्हें ज़्यादातर युवा सही मानते हैं और परेशान रहते हैं।

1. सेक्स पोज़ीशन में बदलाव महिलाओं को प्रेग्नेंट होने से बचाता है

युवाओं के लिए सबसे बड़ा डर प्रेग्नेंन्सी का होता है। वे सेक्स को एन्जॉय तो करना चाहते हैं लेकिन प्रेग्नेनेंसी के डर से खुद को कई बार रोकते भी है। हालांकि इसके लिए कई सारे प्रीकॉशंस भी उपलब्ध हैं लेकिन हमारे युवा उन्हें छोड़ इस मिथक पर यकीन करते हैं कि सेक्स पोज़ीशन में बदलाव महिलाओं को प्रेग्नेंट होने से बचाता है। लेकिन ये सरासर गलत है।

प्रेग्नेंसी का संबंध स्पर्म से होता है ना कि सेक्स की किसी पोज़ीशन से। कोई भी महिला तभी प्रेग्नेंट होती है, जब उसके एग्स को स्पर्म फर्टिलाइज़ करता है। ऐसे में सेक्स पोज़ीशन प्रेग्नेंसी के लिए मायने नहीं रखती।

2. पहली बार सेक्स में असफल हैं तो आप में कमी है

ऐसे बहुत कम लोग होते हैं जो पहले सेक्स एंकाउंटर को एंजॉय कर पाते हैं। अगर दोनों पार्टनर का यह पहली बार है तो फिर तो और मुश्किल होती है। इन हालातों में अक्सर लोग यह सोचने लगते हैं कि उनमें कमी है। कई सारे युवा इस  गलत धारणा के चक्कर में हींन भावना से जूझते हैं। जबकि ऐसा नहीं होता।

सेक्स एक प्रैक्टिस है। जैसे हर चीज़ की प्रैक्टिस ज़रूरी होती है, उसी तरह बेहतर सेक्स का आनंद भी कई बार प्रैक्टिस करने के बाद मिलता है।

3. पीरियड्स के दौरान सेक्स नहीं करना चाहिए

पीरियड में सेक्स ना करने जैसा कुछ नहीं है। यहां तक की कई विशेषज्ञों का कहना है कि पीरियड्स के दौरान सेक्स और बेहतरीन होता है क्योंकि एक नैचुरल ल्यूब्रिकेंट मौजूद होता है और साथ में महिलाओं के हार्मोंस भी उन्हें उत्तेजित करते हैं।

बस पीरियड्स के दौरान सेक्स करते हुए यह ध्यान रखें कि यह मेसी होता है। इसलिए अपने साथ कपड़ा और बेड पर प्लास्टिक वगैरह ज़रूर बिछाएं।

इसके साथ ही कॉन्डोम्स को बिल्कुल ना भूलें क्योंकि ज्यादातर लोगों को यह गलतफहमी भी होती है कि चूंकि उनकी पार्टनर का पीरियड्स चल रहा है तो वह प्रेग्नेंट नहीं हो सकती लिहाज़ा बिना प्रोटेक्शन यूज किए सेक्स कर लेना चाहिए। लेकिन ऐसा करने से न सिर्फ प्रेग्नेंसी की आशंका रहती है बल्कि सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (sti) फैलने का भी खतरा रहता है।

4. पीनिस को बड़ा करने वाली दवाओं का सेवन करना

आजकल पॉर्नोग्रफी और ऑनलाइन सेक्स स्टोर्स ने युवाओं को यह यकीन दिला दिया जाता है कि कुछ टूल्स और दवाइयों की मदद से उनके प्राइवेट पार्ट के साइज को बड़ा किया जा सकता है। यह सब एक मिथक है और युवाओं को समझना होगा कि दुनिया में अब तक ऐसा कोई तेल या दवा नहीं बनी जो पीनिस साइज़ को बढ़ा सके।

कुछ दवाएं जरूर होती हैं जिनके सेवन से पीनिस में ब्लड फ्लो बढ़ जाता है जिससे इरेक्शन बेहतर हो जाता है और लोगों को लगता है कि उनका पीनिस साइज बढ़ गया है। पुरुषों को समझना होगा कि शुरुआती 3 या 3.5 इंच से ज्यादा साइज़ मायने नहीं रखता।

5. हस्तमैथुन करना सेहत के लिए ठीक नहीं

हस्‍तमैथुन को ले कर कई लोगों के अंदर काफी सारी भ्रांतियां हैं, जैसे क्‍या इसे करना ठीक है? क्‍या टीनेज में ऐसा करने से विकास रूक सकता है? क्‍या इसे करने से शरीर को नुकसान पहुंचता है? या फिर क्‍या इसे ज्‍यादा से ज्‍यादा किया जाना चाहिये?

वास्‍तव में हस्‍तमैथुन शरीर पर किसी भी प्रकार का बुरा प्रभाव नहीं डालता। बल्कि 2009 में मिशिगन विश्वविद्यालय, दृारा किये गए एक शोध में पाया गया कि कामेच्‍छा के कारण से शरीर में डोपामाइन, एंडोर्फिन और ऑक्सीटोसिन नामक हार्मोन (जो कि लव हार्मोन के नाम से जाने जाते हैं) वह रिलीज़ होना शुरु हो जाते हैं।

इन हार्मोनों की वजह से शरीर में कॉर्टिसोल नामक हार्मोन जो कि (तनाव को बढ़ाता है) के रिलीज़ होने की छमता धीमी पड़ जाती है। इसलिये हस्‍तमैथुन करने से आप खुश और तनाव रहित बनते हैं।

तो इन भ्रांतियों और मिथकों से दूर रहें और सेक्स को एंजॉय करें।