पहाड़ों में कल्यो बेटी के लिए मां बाप का आशीर्वाद होता है.

पहाड़ी चेहरे पहाड़ जैसे ही होते हैं, लकीरों और झुर्रियों से भरे हुए, जहां से आशीर्वाद रिस्ता है अपनों की सलामती के लिए.

पुकार रहा है पौड़ी जिले का बिस्ताना गाँव अपने बाशिंदों को.

पलायन की वजह से उत्तराखंड के 1700 गाँव हो चुके हैं खाली, देव भूमि उत्तराखंड पुकार रहा है अपनी भूमि के लालों को.

भारत का एक ऐसे गांव जो अपने आप में ही एक अजूबा है.

इस गाँव में बोली जाती है एक अजीब सी भाषा जो सिर्फ इसी गाँव के लोगो को आती है और यहाँ के गाँव की पैत्रिक भाषा है.

भारत का एक मात्र ऐसा गाँव जहां बोली जाती है सिर्फ संस्कृत.

मात्तुर गांव में करीब 300 परिवार रहते हैं. और इस गांव के लोगो ने दुनिया की सबसे प्राचीनतम सभ्यता और भाषा को भी सहेज कर रखा हुआ है.

पहाड़ों में आखिर गाँव क्या होता है? बस यही बता रही है ये पहाड़ी लड़की.

गाँव कभी बदलते नहीं हैं गाँव तो बदलते है गाँव में रहने वालों की किस्मत| और बनाते हैं युवा और युवाओं का बहतर कल, वो भी ख़ुद को बंज़र करवा कर|